Sunday, June 13, 2010

वक़्त ने जो दिया है दर्द....

वक़्त ने जो दिया है दर्द
तुम उसे क्या मिटाओगे
तुम भी तो ज़माने की तरह
वक़्त के ही मुलाज़िम हो

हम अपने दुनिया में
तनहा ही अच्छे भले हैं
तुम पास न आना कभी
वरना अपने साथ तुम
वही वक़्त ले आओगे
फिर दर्द का एक नया
सिलसिला शुरू हो जायेगा......

7 comments:

sanu shukla said...

फिर दर्द का एक नया
सिलसिला शुरू हो जायेगा......

behad umda..

iisanuii.blogspot.com

संजय भास्कर said...

आप बहुत सुंदर लिखती हैं. भाव मन से उपजे मगर ये खूबसूरत बिम्ब सिर्फ आपके खजाने में ही हैं

संजय भास्कर said...

फिर से प्रशंसनीय रचना - बधाई

लता 'हया' said...

thanx,
nice blog.

Vivek VK Jain said...

nice blog.....
good poems....

vikas said...

shabdo ka anmol sangrah,,,sundar rachna..meaningful..

vikas pandey
www.vicharokadarpan.blogspot.com

रानी पात्रिक said...

सुन्दर भाव। धन्यवाद।